मुरादाबाद में प्रशासकों ने विकास कार्य के भुगतान में की हेराफेरी, जांच के बाद अब कार्रवाई तय मानी जा रही

मुरादाबाद में प्रशासकों ने विकास कार्य के भुगतान में की हेराफेरी, जांच के बाद अब कार्रवाई तय मानी जा रही © जागरण द्वारा प्रदत्त मुरादाबाद में प्रशासकों ने विकास कार्य के भुगतान में की हेराफेरी, जांच के बाद अब कार्रवाई तय मानी जा रही

मुरादाबाद, जेएनएन। जिले में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान सभी ब्लाकों के ए़डीओ पंचायत ने भुगतान में मनमानी की है। भुगतान के नियमों का ही पालन नहीं किया गया। कुंदरकी विकास खंड की तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा गांव में भुगतान में इतनी मनमानी हुई कि पांच लाख रुपये की कार्ययोजना का भुगतान दो हिस्सों में करके खेल कर दिया। डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी और जिला पंचायत के इंजीनियर राजेश्वर सिंह जांच करके आख्या डीएम को भेज दी है। इस मामले में कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।

जांच में कहा गया है कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य गुणवत्ता ठीक है। अभिलेखों में पता लगा कि सामुदायिक शौचालय के निर्माण में चार लाख 36 हजार 351 रुपये की धनराशि खर्च हुई है। एमबी पर किसी तकनीकी व्यक्ति के हस्ताक्षर ही नहीं है। मस्टरोल के मुताबिक शानेआलम, नाजिम, मुहम्मद अजीम, एवं तावेस ने काम किया है। लेकिन, मजदूरी मद के 81 हजार रुपये रहमान खान और शराफत के खाते में दी गई है। सामग्री मद का भुगतान अयाज कांटेक्टर एवं सप्लायर्स और पीएनके इंटरप्राइजेज के नाम से हुआ।

अयाज कांटेक्टर एवं सप्लायर्स का जीएसटी का रजिस्ट्रेशन 11 सितंबर 2019 को कैंसिल हो चुका है। काजीपुरा के स्कूल शौचालय एवं किचन में काम अच्छा हुआ। इस काम पर एक लाख 25 हजार 263 रुपये खर्च हुए। इसकी एमबी पर भी अवर अभियंता के हस्ताक्षर नहीं मिले। इस काम में भी छह लोगों ने काम किया। लेकिन, भुगतान 27,668 रुपये सुहेल खान के खाते में दिए गए, यह उचित नहीं है। सामग्री का भुगतान दोनों उन्हीं फर्मों से नाम हुआ, जिन्हें पहले हुआ था। जूनियर हाईस्कूल एवं प्राइमरी स्कूल के शौचालय की मरम्मत के काम में एक लाख 76 हजार 505 रुपये खर्च हुए हैं। इस काम में नौ लोगों ने काम किया। लेकिन, सलमान के खाते में 37,500 रुपये दे दिए गए।

स्कूल के फर्नीचर मद में तीन लाख 11 हजार 520 रुपये की धनराशि खर्च हुई है। नियमानुसार इस भुगतान के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी से अनुमति ली जानी थी। लेकिन, नियमों को दरकिनार करके भुगतान को दो भागों में बांटकर एक भी फर्म को कर दिया है। इसी तरह निरीक्षण के दौरान और भी कई मामलों में भुगतान को लेकर नियम से काम नहीं हुआ। जिला पंचायत के इंजीनियर राजेश्वर सिंह ने बताया कि डीएम को जांच आख्या भेज दी गई है। जिलाधिकारी को ही इस मामले में आगे की कार्रवाई करनी है।

मुरादाबाद में प्रशासकों ने विकास कार्य के भुगतान में की हेराफेरी, जांच के बाद अब कार्रवाई तय मानी जा रही